भीतरगांव ब्लाक के रिंद नदी के तटवर्ती गांवों में इस बार मौसम के मिजाज ने फरवरी के महीने में ही बढ़ते तापमान और जंगल के खेतों में दिख रही गर्मी की आहट ने गेहूं की पैदावार पर संकट खड़ा कर दिया है। भीतरगांव ब्लॉक के रिंद नदी किनारे बसे इलाकों में गेहूं के पौधे अपनी समयावधि से पहले ही पीले पड़ने लगे हैं। आमतौर पर मार्च के महीने में दिखने वाली यह रंगत इस बार फरवरी के मध्य में ही नजर आने लगी है। राजकीय बीज भंडार भीतरगांव के प्रभारी शिवम उमराव बताते हैं कि ऐसी स्थिति में पैदावार में भी असर दिखेगा