उफनाई यमुना नदी ने यमुना पट्टी के अधिकांश गांवों को चपेट में ले रखा है। आधे-आधे गांव जलमग्न हो चुके हैं। लोगों ने गृहस्थी का जरूरी सामान लेकर गांव के ऊंचे स्थानों और बनाए गए शरण स्थलों में डेरा डाल रखा है। घरों में पानी भरने से कुछ परिवार छतों पर गुजर-बसर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि घरों में पानी भरने से गृहस्थी का सामान व अनाज भी नष्ट हो गया है। कटरी गांव आधे से ज्यादा जलमग्न है, आसपास बने डेरा पूरी तरह से ही डूब चुके हैं। इनमें छत ही दिखाई पड़ रही है। यहां के लोग छतों पर घर का सामान रखकर आश्रय स्थल पर पहुंच गए हैं। वहीं, घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों ने अपना जरूरी सामान ऊंचे स्थानों बने दूसरों के घर में पहुंचा दिया और खुद अभी घर में ही बने हुए हैं। कटरी गांव के करीब 150 मकानों में छह-सात फीट पानी भर चुका है। यहां गांव के किनारे बनी गोशाला, अंत्येष्टि स्थल व पंचायत भवन डूब चुके हैं। गांव से कुछ कुछ दूरी पर बसे डेरे में मकान बस कुछ फीट ही पानी के ऊपर दिखाई दे रहे हैं।