केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच कानपुर की ओर से बुधवार को श्रमायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। इसमें अलग-अलग यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए और हाल में लागू किए गए लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताया। और इसे वापस लेने की मांग उठाई गई। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप श्रमायुक्त को दिया गया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि सरकार ने मज़दूर और किसान वर्ग के साथ धोखा कर श्रम संहिताओं को लागू किया। देश का मेहनतकश वर्ग इसका पुरजोर विरोध करता है। श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त किया जाए। कहा कि फिक्स्ड-टर्म नौकरी के नाम पर ठेका और कच्ची नौकरी को स्थायी किया जाए। काम के 12 घंटे करने के प्रावधान को खत्म किया जाए। यूनियन बनाने और हड़ताल के अधिकार पर प्रतिबंध समाप्त किया जाए। न्यूनतम वेतन को मजबूत किया जाए। जिला स्तर पर श्रम न्यायालयों को बहाल किया जाए। इस मौके पर असित कुमार सिंह, नवनीत यादव, पीएस बाजपेई, गौरव दीक्षित, तारिणी कुमार पासवान, राणा प्रताप सिंह, राम प्रकाश राय, धर्मदेव, उमेश शुक्ला, एसएएम जैदी, राजीव खरे, आरडी गौतम, मीनाक्षी सिंह, अरविंद कुमार, आरपी श्रीवास्तव, अंकुर द्विवेदी, सुनील कुमार शुक्ला आदि थे।