जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को कृष्णा नगर पहुंचे, जहां उन्होंने गौ संरक्षण और गौशालाओं की स्थिति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार गौ माता के संरक्षण के लिए कागजों पर काफी कार्य कर रही है और संबंधित जिम्मेदारों के वक्तव्य भी सकारात्मक हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात संतोषजनक नहीं दिखाई देते। शंकराचार्य ने कहा कि हाल ही में एक गौ आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और वहां ताला लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि यदि व्यवस्थाएं बेहतर हैं तो उन्हें छिपाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गौशालाओं और गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके संरक्षण और देखभाल के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभाव जमीनी स्तर पर भी दिखाई देना चाहिए।