कानपुर में सात साल पुराने नाबालिग साली से छेड़छाड़ के मामले में विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी जीजा को सभी आरोपों से बरी कर दिया। मामला बिठूर थाना क्षेत्र का है। आठ मार्च 2019 की रात 15 वर्षीय किशोरी ने अपने जीजा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए घर में शोर मचाया था। उस समय आरोपी अपनी शादी के बाद ससुराल आया हुआ था। पुलिस ने 29 सितंबर 2019 को आरोपी को गिरफ्तार किया था और वह करीब 19 दिन तक जेल में भी रहा। सुनवाई के दौरान वर्ष 2021 में पीड़िता ने अदालत में बयान देते हुए कहा कि वह एंटीबायोटिक दवा खाकर सोई थी और उसे सपने में लगा कि जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की है, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं हुआ था। पीड़िता की बहन और पिता ने भी अदालत में इसे गलतफहमी बताया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि यह मामला भ्रम और पारिवारिक विवाद का परिणाम है। सभी गवाहों और साक्ष्यों की जांच के बाद मार्च 2026 में विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।