धोबिन पुलिया के नजदीक स्थित बीएसएनएल बिल्डिंंग के पास ही सड़क के एक छोर पर बीएसएनएल की भूमिगत केबल है। यहीं से जल निगम की भूमिगत पाइप लाइन निकाली जानी थी। केबल कटने के डर से डेढ़ महीने से काम ठप था। केबल कटने से बचाने से लिए अब यहां 20 मीटर का घुमाव देकर शुक्रवार से पाइप लाइन डालने के लिए खोदाई का कार्य शुरू कराया गया। बताया जा रहा कि खोदाई के दौरान यदि बीएसएनएल की भूमिगत केबल कट जाती तो जिले की टेलीफोन सेवा ठप हो जाती। बीएसएनएल बिल्डिंग के पास से अमृत पेयजल योजना के अंतर्गत जल निगम की ओर से भूमिगत पाइप लाइन डालने का कार्य कराया जाना था। लेकिन केबल के केबिन की दीवार इतनी मोटी है कि उसे कटर भी नहीं काट सके। साथ ही इस पर बीएसएनएल के अधिकारियों ने रोक भी लगा दी थी। उनका तर्क था कि यदि केबिन के बीच से पाइप लाइन डाली गई तो पूरे जिले की बीएसएनएल सेवाएं बाधित हो जाएगी। इसके बाद डेढ़ माह से यहां जल निगम का कार्य अटका था, जिसे आज शुरू कराया गया। जल निगम के एई अमित कुमार ने बताया कि बीएसएनएल की सेवाएं बाधित न हो, इसके लिए अब घुमावदार खोदाई का कार्य शुरू कराया गया है। अब पेयजल पाइप लाइन धोबिन पुलिया से राजधानी मार्ग अंबिकापुरम की ओर आने के दौरान करीब 20 मीटर घूम कर आएगी।