इंडस्ट्रियल स्टेट कालपी रोड स्थित कृपा धाम मंदिर में पांच दिवसीय संगीतमय भक्तमाल कथा का शनिवार को समापन हो गया। रामकथा वाचक व भागवताचार्य आचार्य श्रीकृष्ण गोपाल सुवेदी ने स्वामी हरिदास, हिटारी वंश और गोपाल भट्ट गोस्वामी के चरित्र का वर्णन किया। इस दाैरान जब मेरे बांके बिहारी से लड़ गए नैना, बांके बिहारी हुई रे मैं तो तेरी दीवानी, भजनों पर श्रद्धालु भक्ति की जमकर झूमे। आचार्य श्रीकृष्ण ने कहा कि स्वामी हरिदास श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे। उन्होंने निधिवन में बांसुरी बजाकर और राग गाकर श्रीकृष्ण को प्रकट किया था। कहा कि अगर प्रबल इच्छा के साथ भक्ति की जाए तो भक्त भगवान को भी प्रकट कर सकता है। इस माैके पर मंदिर में कृपा बिहारी, बैकुंठ बिहारी को 56 भोग अर्पित किया गया।