खुद को राज्यमंत्री का करीबी रिश्तेदार बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाला जालसाज हितेश शाक्या शुक्रवार को सीपरी बाजार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पिछले तीन साल से पुलिस को चकमा दे रहा था। हालांकि सरगना अभी तक हाथ नहीं आया है। आरोपियों ने एफसीआई में नौकरी दिलाने के बाद लाखों रुपये ठगे। कई युवकों को ट्रेनिंग दिलाने के बहाने कानपुर, लखनऊ एवं आगरा भी लेकर गए। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद उनके खिलाफ सीपरी बाजार, नवाबाद, प्रेमनगर, कोतवाली समेत कई जनपदों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मूल रूप से प्रेमगंज के साहू किराना के सामने रहने वाला हितेश शाक्या उर्फ सनी एवं भानु शाक्या गिरोह बनाकर धोखाधड़ी करते थे। सीपरी बाजार निवासी राजू अहिरवार ने वर्ष 2023 में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि एफसीआई में नौकरी दिलाने के बहाने आरोपियों ने उससे दस लाख रुपये ले लिए। हितेश एवं भानु खुद को एक राज्यमंत्री का करीबी बताते थे। उनके साथ राज्यमंत्री का नाती भी था। सचिवालय में अच्छी पकड़ की बदौलत आसानी से नौकरी दिलाने की बात कहते थे। उनकी बातों में आकर राजू समेत कई युवकों ने लाखों रुपये दे दिए थे। जालसाजों ने इन युवकों का समूह बनाकर हरियाणा, उरई एवं आगरा में ट्रेनिंग कराई। इसके बाद झांसी समेत अलग-अलग डिपो में ज्वाइन करने के लिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। युवक जब ज्वाइन करने अपने-अपने डिपो पहुंचे तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। आरोपी मोबाइल बंद करके भाग निकले। शिकार हुए युवकों ने नवाबाद, सीपरी बाजार, प्रेमनगर, कोतवाली समेत उरई में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों को तलाश रही थी। शुक्रवार को हितेश के सीपरी बाजार इलाके में मौजूद होने की खबर मिलने पर पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया। पुलिस टीम में निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक निखिल कुमार, दिलीप त्रिपाठी आदि शामिल थे।