मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर दौड़ाकर पकड़ लिया। जिलाध्यक्ष समेत आठ नेताओं को शहर काेतवाली पुलिस ने स्टेशन से कार्यालय भिजवा दिया। यहां तीन बजे तक इन्हें पुलिस की निगरानी में रखा गया। इसके अलावा कई नेताओं को उनके घरों से ही नहीं निकलने दिया गया। हालांकि जिलाध्यक्ष का दावा है कि जिले से कांग्रेस के चार नेता चकमा देकर लखनऊ पहुंचने में कामयाब रहे। कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा को खत्म कर दूसरी योजना लाए जाने का विरोध कर रहे हैं। जनपद में जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय के नेतृत्व में मनरेगा बचाओ संग्राम चल रहा है। जिलाध्यक्ष ने मंगलवार को लखनऊ कूच किए जाने की घोषणा की थी। पुलिस को चकमा देकर जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित, जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह चंदेल, सेवादल के जिलाध्यक्ष शिवम अग्निहोत्री समेत आठ नेता मंगलवार सुबह पंजाब मेल से लखनऊ जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच गए। ट्रेन में चढ़ने के लिए प्लेटफार्म पर दौड़ रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके अलावा प्रदेश महासचिव सुभाष पाल, वरिष्ठ नेता देवेंद्र विक्रम सिंह, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हसनैन, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह आदि को भी पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। इन सभी को तीन बजे के बाद निगरानी से मुक्त कर दिया गया।