फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोंडा: बेटे डॉक्टर-मास्टर, फिर भी वृद्धाश्रम में आंसू बहा रही मां

मधुवेंद्र सचान Updated Thu, 20 Aug 2026 03:57 PM IST

गोंडा: दोपहर के भोजन के बाद पंतनगर स्थित वृद्धाश्रम के आंगन में चहल-पहल थी। कोई बुजुर्ग अखबार पढ़ रहा था तो कोई बरामदे में बैठकर सामने की सड़क को निहार रहा था। शायद उसे अब भी इंतजार है कि इसी रास्ते से कोई अपना आएगा और कहेगा-‘‘बाबूजी-माताजी, चलिए घर।’’ पंतनगर स्थित वृद्धाश्रम में करीब 92 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें कई ऐसे हैं, जिनके बच्चे पढ़े-लिखे और अच्छे पदों पर हैं। किसी का बेटा डॉक्टर है, तो किसी के बेटे-बहू सरकारी शिक्षक हैं। इसके बावजूद जिंदगी के उस पड़ाव पर, जब उन्हें परिवार के सहारे और अपनत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है, वे आश्रम में रहने को मजबूर हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें