सरकार के आदेश पर मॉक ड्रिल किया जा रहा है। बदायूं में बुधवार को राजकीय महाविद्यालय में भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनसीसी कैडेट्स ने मॉक ड्रिल किया। हवाई हमला कैसे होता है, हमले के बाद सिविल डिफेंस की क्या भूमिका होती है, राहत और बचाव कार्य किस तरह से किए जाते हैं, महाविद्यालय के राजेश जायसवाल ने इसकी जानकारी दी। कहा कि ब्लैक आउट के वक्त जब चारों ओर अंधेरा रहता है तो राहत और बचाव कार्य किस प्रकार करने चाहिए। प्रोफेसर सरिता ने सायरन बजने पर खुद को जमीन पर पेट के बल लेटाकर स्वयं को सुरक्षित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल युद्ध व अन्य आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को परखने के लिए किया जाता है।