जिले के मौसम में रोजाना उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना है। रविवार को दोपहर तक तेज धूप और उमस से लोग बेहाल रहे। दोपहर बाद अचानक से मौसम ने करवट बदला। तेज आंधी संग बूंदाबांदी शुरू हो गई। आंधी से कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए। धनतुलसी-जंगीगंज मार्ग पर करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। बूंदाबांदी से तापमान में करीब दो डिग्री की कमी आई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। कालीन नगरी में मौसम हर रोज बदल रहा है। उत्तर पश्चिम क्षेत्र में विकसित पश्चिमी विक्षोभ एवं उप हिमालयन क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के कारण मई की गर्मी के बीच तेज अंधड़ और हल्की बारिश, बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। पिछले एक सप्ताह में करीब पांच दिन तेज आंधी और हल्की बूंदाबांदी हो चुकी है। रविवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा। इससे तेज धूप और गर्मी के कारण बेहाल हो गए। घरों में बैठे लोग भी पसीने से तर-बतर दिखे, लेकिन तीन बजे के करीब अचानक से हवा की दिशा में बदलाव हुआ। इसके बाद आसमान में काले बादल छा गए। तेज आंधी संग बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक चली आंधी से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही। बूंदाबांदी होने के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। तेज आंधी के कारण मुख्यालय ज्ञानपुर, मोढ़, गोपीगंज, महराजगंज सहित सैकड़ों गांव की बिजली चार से पांच घंटे तक प्रभावित रही। डीघ क्षेत्र के नारेपार पैगहा गांव के पास जंगीगंज-धन तुलसी मार्ग पर एक विशाल नीम का पेड़ सड़क के बीचोबीच गिर गया। पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही एक घंटे तक बंद रही। यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक मार्ग से ट्रैफिक को वाया सीतामढ़ी डायवर्ट कराकर निकासी कराई। गांव के दीपक सिंह, सुनील सिंह, साधु केसरीवानी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पेड़ गिरने की सूचना प्रशासन को दी गई। लेकिन एक घंटे बाद भी मौके पर कोई राहत टीम नहीं पहुंची। देर शाम तक वन विभाग ने पेड़ को काटकर हटाया तो आवागमन बहाल हो सका। कृषि विज्ञान केंद्र बजेवां मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। जबकि रात का तापमान 27 डिग्री रहा। बताया कि बूंदाबांदी के बाद तापमान दो डिग्री तक कम हो गया। बताया कि सोमवार को भी आंधी संग बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। अधिशासी अभियंता ज्ञानपुर आदित्य पांडेय ने कहा कि आंधी से कुछ स्थानों पर तार टूट गए। जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। जिसे सही राकर आपूर्ति बहाल कर दिया गया है।