भीषण गर्मी में यात्रियों की परेशानियां चरम पर हैं। बाराबंकी का बस स्टेशन हो या रेलवे स्टेशन, कहीं भी यात्रियों को राहत नहीं मिल रही। न तो छांव की व्यवस्था है और न ही शुद्ध पेयजल। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग फर्श पर बैठकर बसों और ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। बस स्टेशन पर धूप में तपते यात्री शुक्रवार को दोपहर 11 बजे जब बस स्टेशन का जायजा लिया गया तो यहां भारी भीड़ नजर आई। कुछ कुर्सियां थी जो भर गई थी इसलिए अधिकतर लोग जमीन पर बैठे नजर आए। बेलहरा, फतेहपुर और लखनऊ जाने वाले यात्री घंटों से धूप में तप रहे थे। बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। बसें भी तपती धूप में खड़ी थीं और यात्री उन्हीं में बैठकर रवाना होने का इंतजार कर रहे थे। यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किराया तो हर साल बढ़ता है, लेकिन सुविधाएं घटती जा रही हैं। रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था, टोटियों में आ रहा गर्म पानी करीब 11:30 बजे जब संवाददाता बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंचा तो यहां भी स्थिति बदतर मिली। स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। आधे से ज्यादा भवन तोड़ दिया गया है। स्टेशन परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था नदारद है। दुकानों पर बिकने वाली पानी की बोतलें ही यात्रियों का सहारा बनीं हैं। स्टेशन पर लगे कुछ टोटियां नल गर्म पानी उगलते नजर आए। यात्रियों ने कहा कि गर्मी में जहां पेयजल और छांव सबसे जरूरी है, वहीं यहां अव्यवस्थाओं ने परेशान कर दिया है। लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से जल्द सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।