सिद्धौर (बाराबंकी)। कोठी थाना क्षेत्र के अजौवा गांव में रामविनय नामक युवक ने जमीन विवाद से परेशान होकर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। ग्रामीणों ने समय रहते आग लगाने से रोक लिया, लेकिन तब तक वह पेट्रोल पी चुके थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी लाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रामविनय का कहना है कि गांव में उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है, जबकि पहले यह तय हुआ था कि राजस्व विभाग की पैमाइश होने तक कोई निर्माण नहीं होगा। उनका आरोप है कि उन्होंने इस बाबत कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों पर भी मिलीभगत कर जमीन कब्जाने का संदेह जताया गया। यात्रा से लौटने के बाद जब उन्होंने अपनी जमीन पर कब्जा देखा तो तिलमिला उठे और चिल्लाकर कहा कि अब वह जिंदा नहीं रहेंगे। इसी दौरान उन्होंने पेट्रोल डालकर जान देने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें पकड़कर आग लगाने से रोक लिया, लेकिन तभी उन्होंने पेट्रोल पी लिया। ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी और ग्रामीणों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताई और जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस संबंध में एसडीएम हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा ने कहा कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।