लगातार बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। हालांकि, इसके बावजूद क्षेत्र के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ के पानी ने पूरे जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। कई स्कूल और अस्पताल अभी भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। वहीं, कई गांवों में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस कारण स्थानीय लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए लोग नावों का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से सिरौलीगौसपुर तहसील के माझा रायपुर और रेता गांव अभी भी टापू बने हुए हैं। इन गांवों में लोगों के घरों में भी पानी भरा हुआ है। सुविधाओं का अभाव बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही, लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वे लगातार प्रशासन से तत्काल मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।