यूपी के बाराबंकी में सोमवार को देर रात जिला अस्पताल में एक अधिवक्ता ने चिकित्सक पर अभद्रता का आरोप लगाकर धरना शुरू कर दिया। घंटों हंगामा चला। सीएमएस ने पुलिस बल मौके पर बुलाया और खुद मोबाइल बंद कर चले गए। अधिवक्ता के समर्थन में कई अधिवक्ता व भाजपा के कार्यकर्ता पहुंच गए। पीड़ित अधिवक्ता ने कहा कि वह अपने एक मित्र की हालत खराब होने पर अस्पताल में दिखाने आए थे। लेकिन, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने देखने से इन्कार कर दिया। डॉक्टर नशे में था। उसके सहयोगी ने गाली दी और हाथापाई करने पर उतर आए। इसलिए, उन्हें सीएमएस को बताना पड़ा। सीएमएस मौके पर आए तो उनसे डॉक्टर का चिकित्सीय परीक्षण करने की मांग की गई। ताकि, पता चल सके कि डॉक्टर नशे में हैं या नहीं? लेकिन, सीएमएस कुछ देर बाद चले गए और अपना फोन बंद कर लिया। इससे पहले सीएमएस ने पुलिस बुला दी तो अधिवक्ता इमरजेंसी गेट के सामने बीमार व्यक्ति के परिवार की महिलाओं के साथ धरने पर बैठ गए।