ऐतिहासिक दुर्ग तले बसे कालिंजर में रविवार को कजली मेला का आयोजन हुआ। दोपहर 12 बजे से आल्हा, ऊदल, सैयद चाचा, पृथ्वीराज चौहान, मल्हन का डोला, चंद्रावल का डोला, बौना चोर, राधा-कृष्ण, राम-लक्ष्मण, सीता समेत नीलकंठ महादेव, भारत माता, संतों की टोली की झांकियां निकाली गईं। अथईया दाई मंदिर से महिलाओं का हुजूम सिर पर कजली रखकर कजली गीत गुनगनाते हुए बेला तालाब पहुंचीं और कजली विसर्जन किया। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हजारों लोगों ने नीलकंठ महादेव का दर्शन किया और मेले में खरीदारी की। कजली मेले का शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा ने किया।