बलिया के उभांव थाना क्षेत्र के खैराखास मधुबनी मौजा निवासी 24 वर्षीय युवक मुकेश यादव की मऊ जिला जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में युवक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि जिस पास्को एक्ट के मामले में मुकेश को जेल भेजा गया, वो लड़की बालिग है। दोनों ने मंदिर में शादी की थी। लड़की उसकी पत्नी बनकर उसी के घर में रहती है। एडीएम देवेन्द्र प्रताप सिंह व एडिशनल एसपी अनिल कुमार झा रविवार को मृत युवक के घर पहुंचे। शव लेने के लिए मृत युवक की पत्नी व अन्य परिजनों को मनाने में घंटो लगे रहे, लेकिन मुकेश के परिजन मुआवजे में एक करोड़ रुपये, दो बीघा जमीन व पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। मांग पूरी होने तक पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। इस सम्बन्ध मुकेश की पत्नी बनकर घर में राह रही लड़की का कहना है कि वह बालिग है। एक निजी कालेज से इंटर की पढ़ाई पूरी कर ली।मुकेश यादव के साथ मन्दिर में शादी की है। पिता और भाई शादी पर राजी नही हुए और मुकेश पर मुकदमा दर्ज करा दिया। उभांव पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लड़की के बालिक होने व मर्जी से शादी करने बाद भी पुलिस द्वारा मुकेश पर पास्को एक्ट लगाया गया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। मुकेश को गिरफ्तार करने के बाद पहले बलिया जेल और फिर वहां से मऊ जेल स्थानांतरित किया गया था । मऊ जेल के शौचालय में फांसी लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। देर शाम तक एडीएम, एडिशनल एसपी, क्षेत्राधिकारी और उभांव इंस्पेक्टर मुकेश की पत्नी, परिजनों को पोस्टमार्टम कराने व शव लेने के लिए मान मनौवल करते रहे।