बैरिया स्थित शिवाल और गोपालनगर टाड़ी के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह को दिया। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की ओर से कटानरोधी कार्य में मानक की अनदेखी कर धन की लूट खसोट की जा रही है। जानबूझकर कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों की ओर से धीमी गति से कार्य किया जा रहा है।ग्रामीण का कहना है कि गत चार वर्षों से सिंचाई विभाग की ओर से काटनरोधी कार्य कराया जा रहा है। हर वर्ष बाढ़ के समय करोड़ों रुपया सरयू नदी की भेंट चढ़ जा रहा है। आलम यह है की तीन-चार वर्षो में शिवाल व गोपालनगर टाड़ी गांव के लगभग 300 लोगों का आशियाना सरयू नदी के मुख्य धारा में समाहित हो गया है। उक्त लोगों में कई रामबालक बाबा के आश्रम के पीछे बीएसटी बंधे पर शरण लिए हुए हैं। मौजूदा समय में एक बार फिर सरकार के तरफ से कटान से ग्रामीणों को बचाने के उद्देश्य से शिवाल में 5.43 करोड़ की लागत से 428 मीटर लंबा और गोपालनगर में 3.28 करोड़ की लागत से 388 मीटर लंबा काटन रोधी कार्य कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के ठेकेदारों की ओर से मानक की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जानबूझकर रोज तीन से चार मजदूर को रखकर धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। ताकि बाढ़ आने पर यह बता दिया जाए की कटान में काटनरोधी कार्य समाहित हो गया और सारा धन डकार लिया जाए। अगर समय से काटनरोधी कार्य पूरा नहीं होता है तो बरसात आने पर सरजू नदी उफान पर आएगी और एक बार फिर कटान तेज होगा। इससे ग्रामीणों रा आशियाना एक बार फिर नदी के मुख्यधारा में समा जाएगा। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से जांच के बाद उचित कार्रवाई करने का गुहार लगाई। पत्रक देने वालों में ओम प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, गणेश यादव, अनुज सिंह, सुनील चौधरी, दिलीप चौधरी,राजेश चौधरी,रौनक सिंह, राजकुमार पासवान, रितेश सिंह,सुदामा चौधरी, अशोक सिंह उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के सामने ही सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आकाश यादव से वार्ता कर मामले का निस्तारण करने को कहा। साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य का सहायक अभियंता को साथ में लेकर खुद से निरीक्षण करूंगा।