बागपत के विकास भवन में सोमवार को एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। यहां मूक-बधिर लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे, कुछ ने बोलकर अपनी बात रखी तो कुछ ने इशारों और आंखों से अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाईं। उनकी मांगें थीं कि सरकारी नौकरी में उन्हें जगह दी जाए, दफ्तरों में उनकी बात समझने के लिए एक विशेष कर्मचारी तैनात हों। उनके लिए अलग से स्कूल खोले जाएं। बसों और ट्रेनों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाए। इस प्रदर्शन में अंकित, दीपक, सूरज, महमूद और कई अन्य मूक-बधिर शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और इशारों में बताया कि अब भी अनदेखा किया गया तो वे फिर लौटेंगे और इस बार खामोशी और ज्यादा गूंजेगी।