बागपत में किसान दिवस जैसे संवेदनशील और किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए समर्पित दिन पर बागपत के विकास भवन में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब कुर्सी पर आगे बैठने को लेकर दो किसान संगठनों के नेता आपस में भिड़ गए। जानकारी के अनुसार, भाकियू (टिकैत) और भाकियू (अराजनैतिक) के पदाधिकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मंच के पास बैठने की जगह को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की और मारपीट में तब्दील हो गया। भाकियू (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष नरेशपाल सिंह ने आरोप लगाया कि भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें आगे बैठने से रोका और विरोध करने पर उनके मुंह पर घूंसा मार दिया जिससे वह घायल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टिकैत गुट के लोग किसानों की समस्या की जगह अधिकारियों की दलाली करते हैं। वहीं भाकियू (टिकैत) के बिजेंद्र प्रधान ने पलटवार करते हुए कहा कि अराजनैतिक गुट के नेता पुलिस से साठगांठ करके संगठन की छवि खराब कर रहे हैं। विवाद की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। घायल नरेशपाल सिंह का मेडिकल परीक्षण कराकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और कुछ किसानों ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसे दिन पर जब किसानों की एकजुटता दिखनी चाहिए थी, वहां उनके नेता आपस में ही उलझ गए।