देवोत्थानी एकादशी के अवसर पर रामनगरी में श्रीहरि की जय-जयकार गूंज उठी। मंगलवार की देर रात मंदिरों और घरों से लेकर सरयू घाट तक शालिग्राम-तुलसी विवाह की परंपरा निभाई गई। रामकोट स्थित लवकुश मंदिर से भव्य बारात भी निकाली गई। बैंडबाजे के साथ महंत लवकुश दास की अगुवाई में भगवान शालिग्राम की भव्य बारात निकाली गई। जो विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पहुंची और देर रात मंदिर में शालिग्राम व तुलसी के विवाह की रस्म विधि-विधान पूर्वक निभाई गई। दशरथ महल बड़ा स्थान में महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य के संयोजन में विधि-विधान पूर्वक शालिग्राम-तुलसी का विवाह कराया गया। इस दौरान विवाह गीतों की भी प्रस्तुति कलाकारों ने दी। इसी तरह परिक्रमा मार्ग स्थित दुर्गा काली दरबार में महंत सूर्यानंद के सानिध्य में तुलसी विवाह का आयोजन किया गया।