तिगरी गंगा मेला संपन्न होने पर खेत खाली होते ही किसान गेहूं की बुवाई की तैयारी में लग गए। मेला स्थल पर पांच से छह ट्रैक्टर खेतों की जुताई करने में लगे रहे। किसानों ने बताया कि गेहूं की बुवाई के लिए जुताई की जा रही है। कार्तिक पूर्णिमा पर लगा तिगरी गंगा मेला बुधवार को मुख्य स्नान के साथ ही संपन्न हो गया। तिगरी गांव का हजारों बीघे रकबा कम पड़ गया तो मेला मोहरका पट्टी और दियावली गैर आबाद के रकबे में बसाया गया। इसमें भी करीब एक हजार बीघे रकबे पर मेला लगा। जिसमें नौ सौ बीघे रकबे पर खड़ी गन्ने की फसल जबरन कटवाई गई। इसका किसानों को वाजिब दाम नहीं मिला। अब बुधवार को गंगा मेला मुख्य स्नान पर संपन्न हो गया। मोहरका पट्टी व दियावली गैर आबाद गांव के रकबे पर लगे शिविर बृहस्पतिवार दोपहर तक हटा लिए गए। जिसके चलते किसानों ने अपने खेतों की जुताई शुरू कर दी। पांच से छह ट्रैक्टर खेतों की जुताई करने में लगे रहे। किसानों ने बताया कि वह गेहूं की बुवाई करेंगे। फसल पिछैती न हो जाए, इसलिए जल्द जुताई कर रहे हैं।