अमेठी सिटी गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ उमड़ी दिखाई पड़ी। ओपीडी, दवा, पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतार दिखी। दवा काउंटर पर प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा वितरित कर रहे थे। जिम्मेदार पंखे के नीचे बैठकर हवा ले रहे थे। मरीजों ने व्यवस्था पर सवाल भी उठाए। सोमवार को 1214 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया जिसमें 625 मरीज सिर्फ बुखार पीड़ित रहे। वहीं पैथोलॉजी में 244 मरीजों की 6624 प्रकार की जांच हुई। जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा वितरित कर रहे थे। दवा वितरण कक्ष के बाहर चीफ फार्मासिस्ट अपनी कुर्सी पर बैठकर कर पंखे की हवा ले रहे थे। मरीज राकेश ने बताया कि कई दिनों से बुखार, जुकाम है। यहां दवा काउंटर पर दवा ली, अंदर बच्चे दवा दे रहे हैं। आरती ने बताया कि जो दवाएं अंदर की थी, दवा वितरण काउंटर पर वर्दी पहने बच्चों ने दी है। इसी तरह पैथोलॉजी और इमरजेंसी में भी बगैर किसी जिम्मेदार के प्रशिक्षु छात्र मरीजों का सैंपल व सुई दवा करते दिखे। अस्पताल में अव्यवस्था अस्पताल में मिले ऐंधी निवासी प्रिंस ने बताया कि 10 बजे वह अस्पताल में पंजीकरण कराने के लिए खड़े थे। बीच-बीच में यहां के कर्मी अपने लोगों को बीच में घुुसा परचा कटवा ले रहे हैं। एक घंटे बाद किसी तरह परचा कटा। उसके बाद चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने जांच लिखी है। जांच पंजीकरण काउंटर पर इससे भी बुरा हाल है। एक घंटे से लाइन में लगा हूं अभी तक नंबर नहीं आया। जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी के बाहर बैठे पीपरपुर निवासी हरि कुमार सिंह ने बताया कि उनका बेटा अनुज वीर सिंह मानसिक रूप से पीड़ित हैं। यहां जानकारी देना वाला नहीं है। दलालों का अड्डा हैं। यहां पर अभी एक व्यक्ति मिला, वह एमआरआई कराने की बात कहकर उन्हें निजी सेंटर पर लेकर चला गया। कहा कि वह वहां से लौट कर चले आए, एक भी रुपये नहीं दिये। उन्होंने इस पर अंकुश लगाए जाने की मांग उठाई है। कराई जाएगी जांच सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अवकाश के बाद भीड़ अधिक है। कहा कि एक ही फार्मासिस्ट हैं। फार्मासिस्ट की देखरेख में प्रशिक्षु छात्र मरीजों को दवा बांट रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को गुमराह करने के मामले में उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।