उपसंभागीय कार्यालय में बिचौलियों का काकस है। हर काम के लिए शुल्क निर्धारित होने के बावजूद आवेदकों से सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है। जेब ढीली न करने पर आवेदकों को काम कराने के लिए घंटों नहीं, कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियम कायदे ताक पर रखकर यहां काम हो रहे हैं। अफसरों को कर्मचारियों से ज्यादा बाहरी लोगों पर भरोसा है, जिसके चलते खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। सोमवार दोपहर 12:20 बजे कार्यालय के निचले तल पर स्थित काउंटर संख्या एक से चार तक कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। काउंटर के सामने खड़े कई लोग परेशानी में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। इसी बीच कमरा संख्या नौ, जो विभागीय रिकॉर्ड में स्टोर रूम के रूप में दर्ज है, वहां करीब सात-आठ बाहरी लोग फाइलें खोलकर आवेदनों की मंजूरी में जुटे दिखे। कैमरा देखते ही कुछ लोग बाहर भाग निकले, जबकि कुछ चेहरा छिपाते नजर आए। नियमित कर्मचारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि यह लोग साहब के खास हैं, जिन्हें भीतर बैठाकर काम कराया जा रहा है। यहां बिना अधिकृत जिम्मेदारी के ही फाइलों पर निर्णय लिए जा रहे हैं। सुविधा शुल्क देने पर ही होता है काम एआरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था लागू है, फिर भी लाइसेंस, पंजीकरण, एनओसी जैसे कार्यों के लिए अलग से सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है। बिना टेस्ट के लाइसेंस बनवाने, एनओसी निकलवाने या वाहन का स्थानांतरण कराने के लिए दरें तय हैं। विभागीय कर्मियों की मानें तो अधिकृत आईडी से मंजूरी भी बाहरी लोग ही दे रहे हैं। तीन बार खटखटाने पर खुलता है कमरा कमरा संख्या नौ दिनभर बाहर से बंद रहता है। अंदर दाखिल होने के लिए दरवाजे को खास अंदाज में तीन बार खटखटाना पड़ता है। इस कमरे में विभाग के नियमित कर्मचारी भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकते। काउंटरों पर सन्नाटा, बैरंग लौटे आवेदक प्रथम तल पर सभी काउंटर दिनभर खाली रहे। प्रतापगढ़ के तारकेश्वर सिंह तीन दिन से ट्रैक्टर पंजीकरण के लिए आ रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा। वहीं राजेश कुमार ने बताया कि गाड़ी ट्रांसफर के लिए आवेदन देना था, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। वर्जन जांच होगी, दोषियों पर कार्रवाई तय एआरटीओ प्रशासन महेंद्र बाबू ने बताया कि कक्ष संख्या नौ में बाहरी लोगों के होने की जानकारी नहीं है। सोमवार को एक कर्मचारी अवकाश पर था, अन्य किसी कार्य से बाहर गए होंगे। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।