वाराणसी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अन्य पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमे के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार पर दमनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मोहम्मद असलम को सौंपा। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि काशी जैसे धार्मिक नगर में श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने पदयात्रा कर जब इन समस्याओं को उठाया तो बदले की भावना से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। कहा कि 10 जुलाई को सिगरा थाने में दर्ज एफआईआर रद्द कराई जाए और सावन में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिलाध्यक्ष ने ये भी कहा कि कांग्रेस संविधान और जनहित के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। सरकार की यह कार्रवाई लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रभारी फरहान वारसी, अनिल सिंह, परमानंद मिश्रा, रामाकांती, ममता पांडेय, अजीत यादव, मोहम्मद मतीन, अरविंद चतुर्वेदी, गीता सिंह, फिरोज आलम, महावीर कोरी, राजीव लोचन, दया राम सोनी, शिवदर्शन पासी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।