सीजन में डीएपी के लिए किसान चक्कर काट रहे हैं। कई समितियों पर सिर्फ एनपीके मौजूद है। संग्रामपुर इफको केंद्र, जगदीशपुर साधन सहकारी समिति सहित 20 समितियों पर खाद ही नहीं है जिससे किसानों को भटकना पड़ रहा है। इस समय आलू संग दलहन और तिलहन आदि फसलों की बोआई के चलते डीएपी की मांग बढ़ गई है। गौरीगंज के जगदीशपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर रविवार को करीब दस किसान डीएपी लेने के लिए पहुंचे थे। यहां पर मिले बुजुर्ग किसान राम दुलारे ने बताया कि बड़ी परेशानी अहय भैया, खाद नाही मिली, अब दूसरि जगह जाय का परी। सोंचे रहिन नजदीक अहय, इहां मिल जाये तौ परेशान न होय का परे। वहीं किसान राम किशोर, जीतलाल, जगतपाल आदि ने बताया कि वह खाद लेने के लिए आए हैं। यहां पर सचिव ने बताया कि यूरिया के अलावा कोई भी खाद नहीं है। किसानों ने कहा कि खाद के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है। सचिव ने बताया कि समिति पर 350 बोरी यूरिया है। डीएपी और एनपीके नहीं है। डिमांड की गई है। जो भी किसान आ रहे हैं उन्हें समिति की सदस्यता दिलाई जा रही है। गौरीगंज के गुलालपुर साधन सहकारी समिति पर एनपीके और यूरिया का वितरण हो रहा था। यहां पर शनिवार को 300 बोरी डीएपी पहुंची थी, लेकिन डीडी नंबर नहीं मिलने से वितरण नहीं हो पा रहा है। समिति पर एक हजार बोरी यूरिया और 100 बोरी एनपीके उपलब्ध है। किसान विक्रम प्रसाद, जगरानी, रामचंद्र तिवारी और चंद्र प्रकाश ने बताया कि यहां पर खाद लेने आए हैं। डीएपी नहीं मिल रही है, एनपीके और यूरिया मिल गई है। सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि डीडी नंबर मिलने के बाद डीएपी का वितरण होगा। बताया कि खतौनी और आधारकार्ड लेकर किसानों को खाद दी जा रही है। भेजी जा रही खाद सहकारिता आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि समितियों पर डीएपी और एनपीके पहुंचाया जा रहा है। किसानों को खतौनी और आधारकार्ड लेकर खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।