मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला रविवार को 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित हुआ। जिसमें मरीजों का परीक्षण कर दवा दी गई। वहीं गंभीर मिले मरीजों को सीएचसी रेफर किया गया। गौरीगंज के भटगवां पीएचसी पर रविवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष जायसवाल की मौजूदगी में स्वास्थ्य मेला आयोजित हुआ। यहां फार्मासिस्ट सीमा श्रीवास्तव, स्टाफ नर्स रेनू, एएनएम अंतिमा व संगिनी और आयुर्ष चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार रामवत सहित अन्य स्टाफ मौजूद मिले। वहीं एलटी दीपचंद नदारद रहे। शुगर किट नहीं होने से इससे पीड़ित मरीजों की जांच नहीं हो पाई। सुबह 11:18 बजे तक कुल 20 मरीज पहुंचे, एलटी नहीं होने से मरीजों की जांच नहीं हो पाई थी। मेला में पहुंचे मवई गांव निवासी कृष्ण पाल ने बताया कि कमजोरी संग पूरे शरीर में दो माह से दर्द बना हुआ है। चिकित्सक को दिखाया उन्होंने दवा लिख दी, एलटी नहीं होने से जांच नहीं हो पाई। राजापुर गांव शालिनी चौहान ने बताया कि बुखार, हरारत संग कमजोरश्लग रही है। चिकित्सक ने दवा देने संग मौसम के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी है। मरीज शंभू सिंह ने बताया कि शुगर से वह पीड़ित हैं। लगातार यहां से दवा ले जा रहे हैं, लेकिन आराम नहीं मिल रहा है।जांच नहीं हो पाई। इस बार चिकित्सक ने जांच कराने के बाद दवा बदलने संग खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी है। भटगवां निवासी भानुमती ने बताया कि शुगर बढ़ गया है। पहले निजी चिकित्सक को दिखाया था, लेकिन आराम नहीं मिला। दो वर्ष से यहां से दवा ले रही हूं, आराम मिला है। उत्तरगांव निवासी त्रिभुवन नाथ ने बताया कि पत्नी को शुगर व बुखार है। जांच नहीं हुई, दवा मिल गई है। इसके अलावा अन्य पीएचसी पर चिकित्सकों ने दवा देने संग खानपान और नियमित दवा लेने की सलाह दी है। मेले में डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण से बचाव की जानकारी भी दी गई। अनुपस्थित कर्मियों का कटा एक दिन का वेतन सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने जामो के हरदों स्थित पीएचसी पर लगे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सक डॉ. सत्यम शुक्ल नहीं मिले। सीएमओ ने पीएचसी पर पहुंचे मरीजों का स्वयं इलाज किया। इसके अलावा स्टाफ नर्स मदन कुमार, आशा व आंगनवाड़ी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने संग जामो सीएचसी अधीक्षक को कड़ी चेतावनी दी गई।