यूपी के अमेठी में साइबर अपराधियों ने जगदीशपुर थाने के इंस्पेक्टर धीरेंद्र यादव का मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को बेटे की शादी का कार्ड एपीके फाइल में भेजा। आर्थिक नुकसान झेलने के बावजूद लोगों ने इस बारे में लिखित अथवा मौखिक शिकायत नहीं दर्ज कराई है। वहीं साइबर क्राइम थाना जांच की दिशा नहीं पकड़ पा रहा है। पूरी कार्रवाई इस सवाल पर अटकी है कि आखिर इंस्पेक्टर का मोबाइल हैक कैसे हुआ? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि एपीके फाइल के जरिए कई लोगों के खातों से पैसों की कटौती हुई है। साथ ही पर्सनल डाटा भी चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद कोई आगे नहीं आ रहा है। सीओ साइबर क्राइम अखिलेश वर्मा ने बताया कि पूरी घटना की बारीकी से जांच चल रही है। जांच के बाद स्थिति साफ होगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को जागरूक होना होगा। क्योंकि, साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। साइबर क्राइम टीम के मुताबिक, मोबाइल पर ऑटो डाउनलोड विकल्प बंद रखें। किसी भी संदिग्ध फाइल में यदि एपीके लिखा हो तो उसे तुरंत डिलीट करें। अधिकांश स्मार्टफोन में अलर्ट अपडेट आते हैं, जिन्हें नजरअंदाज न करें। अगर गलती से फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद करें और गूगल प्ले स्टोर के प्ले प्रोटेक्ट से स्कैन कर जांच करें। संदिग्ध फाइल मिलने पर उसे तुरंत अनइंस्टाल कर दें। दरअसल, जगदीशपुर एसओ धीरेंद्र कुमार यादव का मोबाइल हैक करके उनके बेटे की शादी का कार्ड बताकर एपीके फाइल भेजी गई। फाइल के साथ मैसेज में लिखा था, स्वागत है। शादी में जरूर आएं। 27/08/25। प्यार वह मास्टर कुंजी है, जो खुशी के द्वार खोलती है...। थानेदार के पर्सनल नंबर से मैसेज आया तो कई पुलिसवालों ने तुरंत ही एपीके फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। इनमें कई लोगों के एकाउंट से धनराशि निकाले जाने की बात भी सामने आई है।