अमेठी में गौरीगंज के बरनाटीकर वार्ड स्थित परिषदीय विद्यालय विद्यालय लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक और टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच खुला है। इसी स्थिति के कारण पेयजल आपूर्ति का रास्ता साफ नहीं हो रहा है। करीब दो सौ छात्र खारे पानी की समस्या झेल रहे हैं। इसका असर पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर साफ दिखाई दे रहा है। विद्यालय परिसर में लगे दो इंडिया मार्का–टू हैंडपंप का पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। गर्मी के मौसम में स्थिति और कठिन हो जाती है, जब पानी की जरूरत कई गुना बढ़ जाती है। एक ओर रेलवे लाइन है, दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग। जयसिंहपुर क्षेत्र की पानी टंकी से सप्लाई रेलवे लाइन पार नहीं बन सकी है। सुभावतपुर पेयजल परियोजना की पाइपलाइन राजमार्ग पार करने की स्वीकृति के इंतजार में अटकी है। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाली रसोइया रोज करीब पांच सौ मीटर दूर बाल्टियों से पानी लाती हैं। विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक 120 छात्र पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी में 80 बच्चे नामांकित हैं। कुल आठ शिक्षक यहां तैनात हैं। बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि विद्यालय में खारे पानी की समस्या दूर करने की दिशा में कार्य चल रहा है। उम्मीद है जनवरी में परियोजना शुरू होते ही विद्यालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बहाल हो जाएगी।