अमेठी में दिसंबर की शुरुआत के साथ ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। सुबह घना कोहरा छाया रहा। जबकि, शाम ढलते ही उत्तर-पश्चिमी हवाओं से ठिठुरन बढ़ जा रही है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। मगर, शहर और कस्बों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ठंड से बचाव की तैयारी अब तक दिखाई नहीं दी। रेलवे स्टेशन, अस्थायी बस स्टॉप, जिला अस्पताल परिसर और सैंठा तिराहे पर अलाव न जलने से यात्रियों, मरीजों और तीमारदारों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि अभी ठंड नहीं पड़ रही है। रात करीब 9:40 बजे गौरीगंज रेलवे स्टेशन परिसर में ठंड का असर साफ नजर आया। कुछ यात्री वाहनों के अंदर बैठकर ट्रेन का इंतजार करते दिखे। स्टेशन परिसर में कहीं भी अलाव जलता नहीं मिला। बाहर खड़े यात्री पंकज कुमार ने बताया कि कोहरा और ठंड के बीच खुले में प्रतीक्षा करना मुश्किल हो गया है। वेटिंग हाल में मौजूद कल्पनाथ ने कहा कि जनसाधारण एक्सप्रेस से दिल्ली जाना है, मगर राहत का कोई इंतजाम नजर नहीं आया। बुकिंग काउंटर के पास फर्श पर बैठे अरुण और मनोज कुमार तत्काल टिकट की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनका कहना था कि मजबूरी में जमीन पर बैठकर समय काटना पड़ रहा है। स्टेशन के बाहर कुछ लोग रद्दी जलाकर ठंड से बचाव का प्रयास करते दिखे। रात 10:20 बजे गौरीगंज अस्थायी बस स्टॉप पर अलाव नहीं जल रहा था। चाय की दुकान पर खड़े करुणाशंकर वर्मा ने बताया कि सुल्तानपुर जाने वाली बस का इंतजार है, मगर न बैठने की व्यवस्था है और न ठंड से बचाव की व्यवस्था। दुकानदार ने बताया कि यात्री मजबूरी में दुकानों के पास खड़े रहते हैं। रात 10:40 बजे सैंठा तिराहे पर भी यही स्थिति दिखी। लोग आसपास की दुकानों में खड़े होकर ठंड से राहत तलाशते रहे। रात 11:10 बजे जिला अस्पताल परिसर के बाहरी हिस्से में भी अलाव नहीं जलता दिखा। इमरजेंसी वार्ड के पास भर्ती मरीजों के साथ आए तीमारदार ठिठुरते नजर आए। रामप्रकाश सिंह और संजीव कुमार ने बताया कि ठंड में अस्पताल परिसर में रात बिताना मुश्किल हो गया है।