अमेठी में बेमौसम बारिश होने से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। खेतों में भरे पानी में डूबी धान की फसल को जमाव से बचाने के लिए किसान जुटे हुए हैं। खटी फसल को खेत से निकालकर मेड़, सड़क या सुरक्षित स्थान पर रखकर सुखाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ किसान गीली फसल की ही मड़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा बोई गई आलू संग दलहन व तिलहन की फसलों पर भी संकट बना हुआ है। हालांकि शनिवार को दिनभर बादलों की लुकाछिपी बनी रही। किसान आलोक शुक्ल ने बताया कि मजदूर लगाकर तीन बीघा धान की फसल कटाई करा दी थी। बारिश होने से खेत में भीग गई है। जमीन पर बालियां पड़ी होने से उसमें जमाव होना शुरू हो गया है। शनिवार को सुबह धूप निकली तो मजदूर लगाकर खेत की मेड़ पर सूखने के लिए रखवाने की कोशिश की जा रही है। सरूवावां गांव निवासी बुजुर्ग किसान बाबूलाल ने कहा कि भैया यहि समय मा यह तौ कबौ नाही भा रहान, पांच दिन से लगातार पानी बरसा हवै और सूर्य भगवान के दर्शन न भवा होय। खेते मा काटी गय धान कय फसल सड़त अहाय, धान जामय लाग अहाय। मेड़े पय झुराय का बरै रखत अही, झुराय जाय तौ पिटाई करी, भगवान ऊपर रहें तौ आधा तीहा धान जला जाय। जिला कृषि अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने बताया कि जिले में किसान क्रेडिट कार्ड से करीब डेढ़ लाख किसान आच्छादित हैं। करीब 50 हजार किसान का कार्ड निष्क्रिय है। एक लाख किसानों की केसीसी सक्रिय है। बताया कि गेंहू और धान की ही फसल का बीमा होता है। जिले में मात्र 28 हजार किसान ही हैं, जिन्होंने फसल बीमा करवाया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने बताया कि मोंथा चक्रवात के प्रभाव से हुई बारिश के कारण जिले में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, वे तुरंत टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करें। व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति के लिए 72 घंटे के भीतर सूचना देना आवश्यक है। शिकायत दर्ज करते समय किसान अपने किसान क्रेडिट कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर और आधार संख्या अवश्य दें। किसान सहायता के लिए तहसीलवार गौरीगंज 9807112961, अमेठी 7376791158, तिलोई 9554642961 और मुसाफिरखाना 7390015600 फोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।