अकबरपुर के दहीरपुर वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धों के चेहरे पर भले ही कोई बाहरी बंदिश न हो, लेकिन उनके मन में अपनों द्वारा उपेक्षित किए जाने का दर्द गहरा है। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन परिवार के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें अपनों का प्यार और सहारा नहीं मिला। कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने कभी शादी नहीं की, तो कुछ भरे-पूरे परिवार के होने के बावजूद बेसहारा हो गए। वृद्धाश्रम में रहने वाले इन बुजुर्गों की कहानियां मार्मिक हैं और समाज पर कई सवाल खड़े करती हैं। यहां रहने वाले वृद्ध जिले के साथ ही महानगर और गैरजनपद के हैं। इन दिनों यहां करीब 80 वृद्धजन अपने से दूर अपने नये परिवार में एक साथ रहकर एक दूसरे का दुख दर्द बांट रहे हैं।