अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय लखनऊ में तैनात आईपीएस अफसर आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती की हत्या व लूट में अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस की टीमें गांव के लोगों के साथ सगे-संबंधियों से पूछताछ कर रही हैं। इस बीच डीआईजी सोमेन वर्मा एक बार फिर मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आशुतोष मिश्रा से मुलाकात की और उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, एसपी प्राची सिंह ने बुधवार को एक बयान देकर गायब जेवरात बरामदगी से साफ इनकार कर दिया है। मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव में बीते 16 अगस्त की सुबह आईपीएस अफसर आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती देवी का शव मिला था। परिजनों की सूचना पर पहुंचे आशुतोष मिश्रा ने हत्या और जेवर लूटने का आरोप लगाते हुए अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। खुलासे के लिए गठित चार टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। मृतका के रिश्तेदारों से लेकर उनके घर पर आने वाले नौकर-चाकरों से गहन पूछताछ हो रही है। एक दर्जन से अधिक लोग पुलिस के रडार पर हैं। तमाम जद्दोजहद के बावजूद अब तक पुलिस के हाथ ऐसा कुछ नहीं लगा है जो उसे गायब जेवरों तक पहुंचने में मदद कर सके। इस हाई प्रोफाइल मामले में खुलासे, जेवर बरामदगी के झूठे दावों पर मंगलवार शाम को आशुतोष मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जताई और पुलिस से किसी भी निर्दोष को झूठा न फंसाए जाने की अपील भी की थी। इसकी गूंज एक बार फिर राजधानी तक सुनाई दी। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों के बीच चर्चा होना शुरू हो गई। बुधवार दोपहर डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा एसपी प्राची सिंह के साथ गांव पहुंचे। यहां करीब 30 मिनट तक आशुतोष मिश्रा से विभिन्न बिंदुओं पर वार्ता की। घटना के बारे में फिर से जानकारी ली। घर का मौका मुआयना भी किया। डीआईजी ने बताया कि पूरे मामले में सभी बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द ही घटना का राजफाश कर लिया जाएगा।