अंबेडकरनगर: मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ निवासी इंद्रावती की हत्या के बाद मंगलवार को आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा पहली बार खुलकर सामने आए। संवाद न्यूज एजेंसी से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर भरोसा जताया है लेकिन उन्होंने बिना पुष्टि के माल बरामदगी की सूचनाएं प्रसारित होने पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की है। पुलिस हेडक्वार्टर लखनऊ में तैनात आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती का शव 16 अगस्त की सुबह उनके पैतृक आवास पर मिला था। उनके पहने हुए जेवर गायब थे और मुंह में कपड़ा ठूसा गया था। इस स्थिति को देखते हुए आशुतोष मिश्रा ने एडीजी जोन प्रवीण कुमार को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। उसी शाम पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या व लूट की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण विपक्ष के नेता भी इस घटनाक्रम पर सरकार का आड़े हाथों ले रहे हैं। इसी बीच सोमवार शाम से गायब हुए जेवरों में से कुछ घर पर मिलने की सूचनाएं प्रसारित हुई तो मालीपुर से जिला मुख्यालय तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और लोग आशुतोष मिश्रा के घर पहुंचकर बरामदगी के दावों की पड़ताल करने लगे। संवाद न्यूज एजेंसी के संवादसूत्र भी धमरुआ गांव पहुंचे और आईपीएस अफसर आशुतोष मिश्रा से वार्ता की। उन्होंने माल बरामदगी के दावों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि माल बरामद हुआ है तो है कहां? आखिर किसने इसकी पुष्टि की है? गहना मिल जाता और कारण पता चल जाता तो यह मेरे लिए सबसे बड़ी बात होगी। वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। डीजीपी से लेकर एडीजी व डीआईजी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गलत सूचनाएं रोकने का प्रयास करें। मैं अपनी मां का पिंडा बांधने में लगा हुआ हूं, लेकिन कुछ लोग कुछ और ही बांधने में लगे हैं। इससे सामाजिक छवि भी प्रभावित हो रही है। लोगों के आशीर्वाद से मिला पद, मदद करने का प्रयास आशुतोष मिश्रा ने कहा कि लोगों के आशीर्वाद से इस पद पर पहुंचने का मौका मिला है। हमारा और परिवार का प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक लोगों की मदद की जा सके। किसी से आज तक कोई जुबानी कहासुनी भी नहीं हुई है। जिसने इस घटना को अंजाम दिया है उसका सामने आना जरूरी है। -------------- करीबियों से पूछताछ में पुलिस के तरीके न अपनाने की अपील आशुतोष मिश्रा ने बताया कि पुलिस पूछताछ के लिए गांव के कुछ लोगों के साथ परिवार के लोगों को भी पूछताछ के लिए ले गई है। पुलिस के पूछताछ के तरीकों का इस्तेमाल उनपर न किया जाए। नियमों के अनुसार ही पूछताछ करें।