आगरा। उम्र के आखिरी पड़ाव में धली पड़ चुकी नजरें टकटकी गाए वृद्धावस्था शन का इंतजार कर रही हैं। किसी ने दवा छूट गई है कोई टूटा हुआ चश्मा नहीं बनवा पा रहा। रोजाना ऐसे 50 से ज्यादा बुजुर्ग हाथों में पासबुक, झोले में कागजात और आंखों में उम्मीद लेकर विकास भवन पहुंचते हैं लेकिन जवाब मिलता है कि पेंशन नहीं आई है। नाउम्मीदी से डगमगाते दमों से बुजुर्ग घर लौट जाते हैं। जिले के 81,515 बुजुर्गों को पांच महीने से नहीं मिली वृद्धावस्था पेंशन, रोजाना काट रहे विकास भवन के चक्कर।