आगरा और भरतपुर की सीमा पर अरावली की पहाड़ियों का नौ साल बाद सर्वे होगा। लाल बलुआ पत्थर के खनन से पहाड़ का सीना छलनी हो चुका है। पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में संरक्षित इन पहाड़ियों का 2016 में आखिरी बार सर्वे हुआ था।