आगरा। थाना न्यू आगरा क्षेत्र के दयालबाग स्थित यमुना किनारे पर तीन साल पहले दो युवकों को गोली मारकर घायल करने के मामले में एडीजे 25 मदन मोहन ने 14 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इस मुकदमे में गैंगस्टर आलोक यादव को दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा हुई है। कल्याणी हाइट्स अपार्टमेंट के पीछे यमुना किनारे पर 25 जून 2023 को नगला हवेली निवासी नीरज, राहुल और योगेश जाटव शराब पी रहे थे। कार में सवार होकर कालिंदी विहार, ट्रांसयमुना थाना निवासी आलोक यादव, विशेष बघेल, राजा, सौरभ चाैधरी, काके, व कुलदीप पहुंचे थे। कार को शोभित चला रहा था। आलोक यादव और सौरभ चौधरी पर फायरिंग करने का आरोप लगा था। राहुल और नीरज गोली लगने से घायल हो गए थे। मामले में 29 जून को एसआई अजीत सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई। विवेचक ने विवेचना के बाद 28 अगस्त 2023 को आलोक यादव सहित परम जीत सिंह काके, विशेष बघेल, सेंकी यादव, निमेष चौहान, दीपक जैसवाल, ललित गोरख, सत्य वीर उर्फ रिंकू, गुलजार कुरैशी, रोहित सिकरवार, राजा, सौरभ चौधरी, शोभित यादव, अजय सिंह, और कुलदीप के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया था। शुक्रवार को अदालत ने आलोक को आजीवन कारावास की सजा सुना दी थी। जबकि अन्य 14 आरोपियों पर दोनों घायलों ने कोई आरोप नहीं लगाया। इस पर अदालत ने उन्हें ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।