पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के युद्ध की वजह से पर्यटकों का आना कम हो गया है जिससे चिकनकारी के उत्पादों की बिक्री पर बड़ा असर पड़ा है। मैन्युफैक्चरर व होल सेलर का कहना है कि विदेशों में होने वाली खपत सिर्फ 25 फीसदी रह गई है, जबकि 75 प्रतिशत मार्केट गिरा है। माल मुख्यरूप से बांग्लादेश जाता था जहां से अन्य देशों को भेजा जाता था जिससे इसमे कमी आई है। कोलकाता भी बड़ा मार्केट था लेकिन कोलकाता और बांग्लादेश की सीमा पर तनाव से निर्यात मे कमी आई है। चौक के थोक कारोबारी शैलेन्द्र दीक्षित बताते हैं कि पहले नाइजीरिया तक से भी टूरिस्ट आते थे। महाकुंभ के समय बम्पर बिक्री हुई लेकिन उसके खत्म होते ही निर्यात धड़ाम हुआ। सलाना निर्यात का कारोबार ही 3000 करोड़ का है।