शहीद पथ स्थित मेदांता अस्पताल ने 100 सफल लिवर ट्रांसप्लांट पूरे कर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के अनुसार इससे स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की जरूरत कम होगी। अस्पताल में यमन के एक मरीज का भी सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया, जिससे प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों की उम्र तीन से 66 वर्ष तक रही। इनमें लखनऊ के 30 और गोरखपुर के 16 मरीज शामिल हैं। अस्पताल के अनुसार 26 फीसदी मामलों में अत्यधिक शराब का सेवन, 24 फीसदी में फैटी लिवर (एमएएसएलडी) और 14 फीसदी मामलों में एक्यूट लिवर फेल्योर प्रमुख कारण रहे। लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. एएस सोइन और डॉ. प्रशांत भंगुई ने बताया कि डोनर के लिए रोबोटिक तकनीक भी उपलब्ध है और अब तक 17 से अधिक ऐसी सर्जरी की जा चुकी हैं। डोनर्स में 42 फीसदी जीवनसाथी और 22 फीसदी बच्चे रहे।