घुटने और कंधे के पुराने दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए अब बिना बड़ी सर्जरी के उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। पीएमआर विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि आधुनिक उपचार तकनीकों की मदद से लंबे समय से बने दर्द को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि घुटने और कंधे के दर्द के इलाज में मरीज की स्थिति के अनुसार विभिन्न गैर-सर्जिकल उपचार पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मरीजों को बड़ी सर्जरी और उससे जुड़ी लंबी रिकवरी से बचाने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार जरूरी है। नई तकनीकों से इलाज का उद्देश्य दर्द कम करने के साथ मरीज की रोजमर्रा की गतिविधियों और गतिशीलता में सुधार करना है।