लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में हार्ट की बायपास सर्जरी रोबोट की मदद से की गई। 75 साल के बुज़ुर्ग मरीज की तीनों नसों में 90% से ज़्यादा ब्लॉकेज था। पहले उन्हें हार्ट अटैक भी आ चुका था। उनके दिल की फंक्शनिंग सिर्फ़ 40-45% रह गई थी (जबकि सामान्य तौर पर ये 60% होती है)। चलते समय उन्हें सीने में दर्द होता था। दोबारा अटैक का खतरा बना हुआ था। इन सबके बावजूद उन्होंने ओपन हार्ट सर्जरी करवाने से मना कर दिया था। डॉ. गौरांग मजूमदार ने बताया कि मरीज की मैमरी आर्टरी और खून की नली को हार्वेस्ट किया गया। पसलियों के बीच से सिर्फ तीन सेंटीमीटर का छोटा चीरा लगाकर रोबोट की मदद से सर्जरी की गई। इसमें हड्डियों को नहीं काटना पड़ा। मरीज की रिकवरी बेहद तेज रही। 4-5 घंटे में वेंटिलेटर हटा लिया गया। अगली सुबह वह अपने पैरों पर चल रहे थे। तीन दिन अस्पताल में रहे और चौथे दिन छुट्टी दे दी गई।