भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भारत की दार्शनिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में स्त्री पुरुष को बराबरी का दर्जा दिया गया है और इतिहास के विभिन्न युगों में भी स्त्री को शिक्षा और समाज में बराबरी का स्थान मिला है। किंतु दुर्भाग्य से समय के साथ कुछ सामाजिक कुरीतियों एवं अन्य कारणों से स्त्री-पुरुष में असमानता की स्थिति बनी। यह बातें उन्होंने शनिवार को आर्य महिला पीजी कॉलेज में प्रख्यात महिला नेत्री स्वर्गीय कमला बहुगुणा के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि कही। कहा कि आज महिलाएं जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं, लेकिन देश की एक बहुत बड़ी आबादी आज विकास की प्रक्रिया में एक समुचित स्थान नहीं पा सकी है।