वाराणसी। कथा वाचक इंद्रेश महाराज ने कहा कि महादेव भीगे देव हैं। उनके पास जाओ वह आपको भिगो न दें ऐसा हो ही नहीं सकता है। कृपा तब हो जब मन भीग जाए। काशी ने सबको दिया है। कोई अपूर्णता नहीं रखी है। गोस्वामी तुलसीदासजी, श्रीमद्वल्लभाचार्य चैतन्य महाप्रभु, सबको काशी ने पूर्ण किया है। इस जन्म में काशी में रहने वालों ने महादेव की खूब आराधना की होगी तो उनका अगला जन्म ब्रज में ही होगा। काशी का भजन वृंदावन की प्राप्ति कराता है।