भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की 20वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को सिगरा स्थित दरगाह फातमान में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनकी कब्र पर श्रद्धा के फूल चढ़ाए गए और कुरानख्वानी व दुआख्वानी कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के प्रपौत्र आफाक हैदर और रिजवान हैदर ने शहनाई की सुरलहरियां बिखेरकर अपने दादा की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाया। वहीं बिलाल अली ने दुक्कड़ वादन कर संगत की। कार्यक्रम संयोजक प्रमोद वर्मा और शकील अहमद जादूगर समेत अन्य लोगों ने उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान काशी की संगीत परंपरा में उनके योगदान को याद किया गया। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का निधन 21 अगस्त 2006 को हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष काशी में संगीत और संस्कृति से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। आज भी उनकी शहनाई भारतीय संगीत और काशी की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान मानी जाती है।