काशी वंदन सांस्कृतिक कार्यक्रम में उड़ीसा से पधारी लक्ष्मी प्रिया नायक का गायन का कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें सर्वप्रथम उन्होंने राग शुद्ध कल्याण में *बाजों रे पायलिया*जो की तीन ताल में निबंध बंदिश है तत्पश्चात उन्होंने भगवान शिव पर एक भजन सुनाया जिसके बल है हे शिव शंकर हे करुणाकर अंत में एक दादरा बरसन लागी बदरिया गाकर कार्यक्रम को समाप्त किया, कार्यक्रम की मधुरता से वहां बैठे श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया और कार्यक्रम में क्षमा बांध दिया और खूब तालियां बटोरी।