वाराणसी के अस्सी स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में तबला वादक संजू सहाय ने कहा कि कबीरचौरा स्थित 'पं. राम सहाय भवन' में गुरु-शिष्य परंपरा को पुनर्जिवित करने के लिए पं. जी ने 'राम सहाय जी तबला गुरुकुल" की स्थापना करने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार बनारस का कबीरचौरा संगीत की त्रिविधाओं का गोमुख है तथा वर्तमान में आधुनिक परिवेश की चुनौतियों को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि प्राचीन गुरुकुल परंपरा को संगठित रूप से अस्तित्व में लाया जाए।