मौला अली की विरासत पर मंगलवार को मैदागिन से जुलूस निकाला गया। जुलूस विभिन्न मार्गों से होकर दरगाह फातिमा पहुंचा। इसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु भी शामिल रहे। जुलूस के दरगाह फातमान पहुंचने पर सिया हजरत ने जमकर नर तकरीर आदि के नारे लगाते हुए इमाम को याद किया। इसके बाद मजलिस और सेमिनार का आयोजन हुआ। मजलिस में धर्मगुरुओं ने मौला अली को नबी का सबसे अजीज बताया। महफिल में नीची बाग गुरुद्वारा की मुख्य ग्रंथि भाई धर्मवीर सिंह, फादर फिलिप डेविड, फरमान हैदर, मौलाना जकीरूल्लाह कादरी, शफाक आदि ने विचार रखे। इस दौरान अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।