श्रीधाम वृंदावन के शयन भोग के सेवा अधिकारी बृजेश गोस्वामी ने कहा कि अन्न, वस्त्र और औषधि का दान करते समय तनिक भी विचार नहीं करना चाहिए, लेकिन धन, गो, भूमि और कन्यादान करते समय खूब विचार करना चाहिए। इस सृष्टि में भगवत कृपा से भी बढ़कर कुछ है तो वह है संत कृपा। गुरु मंत्र सभी मंत्रों में सबसे ज्यादा शक्तिशाली मंत्र है। उसकी ऐसी महिमा है कि इसके प्रभाव से टेढ़ी-मेढ़ी रेखा भी सीधी हो जाती है। वह सोमवार को मारवाड़ी युवा मंच गंगा शाखा की ओर से महमूरगंज स्थित शृंगेरी मठ में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करा रहे थे। कथाव्यास बृजेश गोस्वामी ने कहा भागवत में केवल भगवान की चर्चा नहीं होती बल्कि इसमें भक्तों के चरित्र की कथा बताई गई है। भगवान तो भक्त के प्रेम भाव में बिक जाते हैं। जिस भक्त ने अपने जीवन की डोर भगवान को दे दी, उसका कोई अनिष्ट नहीं कर सकता है। बृजेश गोस्वामी ने कहा कि भागवत में सबके धर्म बतलाए गए हैं। राजधर्म कहता है कि जितना सुखी राजा है उतना ही सुख प्रजा को भी मिलना चाहिए। कथा में गोस्वामी जी ने 24 अवतारों की कथा भी सुनाई। मुख्य यजमान आनंद स्वरूप अग्रवाल, रंजना अग्रवाल, भरत अग्रवाल, वेदिका अग्रवाल ने व्यासपीठ का पूजन किया। महेश चौधरी, संजय प्रहलादका, श्याम मनोहर लोहिया, सुरेश तुलस्यान, मनीष गिनोडिया ने आरती उतारी।