वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर भी देव दीपावली को लेकर खास तैयारी की गई है। यहां पर बाबा मसान नाथ का रुद्र स्वरूप में किया गया जो आकर्षण का केंद्र रहा। बताते चलें कि इस घाट की अपनी ऐतिहासिकता है और हर ओर जब देव दीपावली की छटा होती है तो यहां भी उत्सव को मनाया जाता है। काशी के अर्धचंद्राकार घाटों पर देवों के उत्सव में हर कोई अपनी भागीदारी निभाना को आतुर था। तो वहीं इसी उत्सव के दौरान हरिश्चंद्र घाट पर धधकती चिताओं के बीच कई जिंदगियां जीवन की अंतिम यात्रा को विराम देते नजर आई। वह यह इहलोक से परलोक की ओर चल बसे। उन चिताओं पर निद्रा में थे। उनकी इस यात्रा के साक्षी बने देवताओ के साथ उनके गण भी। आकाश लोक से अपनी कृपा बरसाए।